जौनपुर में कोडीनयुक्त कफ सिरप का एक और बड़ा खुलासा — तीन नए मेडिकल स्टोर जांच के दायरे में, लाखों की अवैध बिक्री उजागर
Indian 24 Circle News
जौनपुर। जिले में कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार का बड़ा भंडाफोड़ हुआ है। औषधि निरीक्षक रजत कुमार की जांच में सामने आए तथ्यों ने स्वास्थ्य विभाग और कानून-व्यवस्था को गंभीर सवालों के कटघरे में ला खड़ा किया है। जांच में पता चला है कि तीन मेडिकल एजेंसियों ने दिल्ली की फर्म मेसर्स वान्या इंटरप्राइजेज से भारी मात्रा में कोडीनयुक्त कफ सिरप ESKUP Syrup 100 ml मंगवाकर बिना पर्चे व बिना बिलिंग प्रक्रिया के खुले बाजार में सप्लाई किया था।
तीन मेडिकल एजेंसियां जांच के निशाने पर
जिन मेडिकल स्टोरों पर अवैध बिक्री का आरोप है, वे इस प्रकार हैं—
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आकाश मेडिकल एजेंसी, चितरसारी
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शिवम् मेडिकल एजेंसी, रामपुर (पदुमपुर)
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मनीष मेडिकल एजेंसी, विशेषरपुर
जांच रिपोर्ट के अनुसार, इन तीनों फर्मों ने अपने लाइसेंस का दुरुपयोग करते हुए कुल 1,86,475 बोतलें कफ सिरप बिना किसी चिकित्सकीय पर्चे के बेच डालीं। यह संख्या न सिर्फ अनियमितता, बल्कि बड़े पैमाने पर चल रहे संगठित नशा कारोबार की ओर संकेत करती है। सूत्रों के अनुसार, इन बोतलों की बाजार कीमत लगभग 2.61 करोड़ रुपये आंकी गई है।
कैसे चलता था नशे का नेटवर्क?
जांच में यह भी सामने आया है कि यह कारोबार बेहद व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा था—
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नकली और अधूरी बिलिंग
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स्टॉक बही-खातों में हेरफेर
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बिना डॉक्टर पर्चे के सप्लाई
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मध्यस्थ दलालों के माध्यम से वितरण
कफ सिरप का इस्तेमाल नशे के रूप में करने वाले युवाओं तक इसे बड़े पैमाने पर पहुंचाने का आरोप इन फर्मों पर लगा है। अधिकारियों का कहना है कि इन मेडिकल स्टोरों की नशा गिरोहों से नियमित सांठगांठ थी।
एफआईआर दर्ज, कड़ी कार्रवाई शुरू
औषधि निरीक्षक रजत कुमार ने बताया कि तीनों मेडिकल एजेंसियों और उनके संचालकों के खिलाफ संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कर दी गई है। सक्षम न्यायालय में कड़ी अभियोजन कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
उन्होंने संकेत दिया कि यह नेटवर्क जौनपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें अन्य जिलों व राज्यों तक फैली हो सकती हैं। मामले को आगे की जांच के लिए उच्च स्तरीय एजेंसियों को भेजने की सिफारिश की गई है।
पूरे नेटवर्क की होगी गहन जांच
लखनऊ मुख्यालय को विस्तृत रिपोर्ट भेज दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले को विशेष निगरानी में रखा गया है।
सूत्रों का कहना है कि यह कोई अकेला मामला नहीं, बल्कि पूर्वांचल में फैले एक बड़े मेडिकल माफिया का हिस्सा हो सकता है। कई और मेडिकल फर्मों की स्टॉक बुक, सप्लाई चैन और बिलिंग की जांच जारी है, जिससे आने वाले दिनों में और भी नाम सामने आने की संभावना है।
जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
जौनपुर में कफ सिरप की आड़ में चल रहा करोड़ों रुपये का यह नशा कारोबार प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। अब जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं कि और कितने नशे के सौदागर इस नेटवर्क से बेनकाब होंगे।

